



जयपुर। राजस्थान में बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार जल्द ही करीब 25 हजार सफाईकर्मियों की भर्ती करने जा रही है। हालांकि इस बार भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को सीधे स्थायी नियुक्ति नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें पहले पांच वर्ष तक संविदा आधार पर कार्य करना होगा। इस अवधि में उनके कार्य प्रदर्शन, अनुशासन और जिम्मेदारियों के निर्वहन का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें नियमित (परमानेंट) किए जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान संविदा भर्ती नियम-2022 के तहत इस भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार भर्ती की गाइडलाइन तैयार की जा रही है और जल्द ही आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की जाएगी। भर्ती को राज्य सरकार के वार्षिक भर्ती कैलेंडर में भी शामिल किया जा चुका है, जिससे इसके जल्द शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
पिछले कई वर्षों से सफाईकर्मी भर्ती लगातार विवादों में रही है। अनुभव प्रमाण-पत्रों की वैधता, फर्जी दस्तावेजों के आरोप और भर्ती में प्राथमिकता को लेकर उठे विवादों के कारण भर्ती प्रक्रियाओं को दो बार निरस्त करना पड़ा था। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 13,184 पदों पर निकाली गई भर्ती को अप्रैल 2023 में वापस ले लिया गया था। इसके बाद भाजपा सरकार ने नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अगस्त 2024 में 23,820 पदों पर प्रस्तावित भर्ती भी रद्द करनी पड़ी थी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस बार भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए कर्मचारी संगठनों और विभिन्न नगरीय निकायों से सुझाव लिए गए हैं। इन्हीं सुझावों के आधार पर नई गाइडलाइन तैयार की जा रही है ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन ने बताया कि संविदा अवधि के दौरान चयनित कर्मचारियों को निर्धारित फिक्स वेतनमान दिया जाएगा। पांच वर्षों तक उनके कार्य, व्यवहार, अनुशासन और कार्यक्षमता का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को बाद में नियमित नियुक्ति का लाभ मिल सकेगा।
सफाईकर्मी भर्ती में किसी विशेष समाज को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चाओं पर भी विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। सचिव रवि जैन ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी समाज को विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान नहीं रखा गया है। नियुक्तियां सामान्य आरक्षण व्यवस्था के तहत की जाएंगी, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सहित सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्त किए जाने वाले सफाईकर्मियों से केवल सफाई संबंधी कार्य ही कराए जाएंगे। कई नगरीय निकायों में सफाईकर्मियों को कार्यालयों में चपरासी, ऑफिस बॉय या अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसे देखते हुए सभी नगर निगम आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि सफाईकर्मियों को उनके मूल दायित्वों तक ही सीमित रखा जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था बेहतर बनी रहे।