



जोधपुर। जोधपुर शहर के मंडोर थाना क्षेत्र स्थित लालसागर इलाके में गुरुवार शाम एक सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई, जबकि परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान दशरथ सिंह चारण के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नागौर जिले के शिवपुरा गांव के निवासी थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब एक वर्ष से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और इसी कारण मानसिक तनाव तथा अवसाद में रहने लगे थे।
मंडोर थानाधिकारी शेषकरण ने बताया कि गुरुवार दोपहर दशरथ सिंह चारण की पत्नी पड़ोस में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में गई हुई थीं। करीब साढ़े तीन बजे जब वह घर लौटीं तो उन्होंने अपने पति को कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया। यह दृश्य देखकर वह घबरा गईं और तुरंत परिजनों तथा पड़ोसियों को सूचना दी।
सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दशरथ सिंह को नीचे उतारकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उन्हें पावटा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
जानकारी के अनुसार दशरथ सिंह चारण की अधिकांश सेवा जयपुर में रही थी। वह लंबे समय तक जयपुर के सोडाला क्षेत्र में निवास कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने जोधपुर के लालसागर इलाके में नया मकान बनवाया था और लगभग एक सप्ताह पहले ही पत्नी के साथ वहां रहने आए थे। उनका पुत्र दिल्ली में अधिकारी के पद पर कार्यरत है और वहीं निवास करता है।
घटना के बाद घर में मातम का माहौल है। सूचना मिलने पर रिश्तेदार, परिचित और पुलिस विभाग के कई लोग उनके निवास पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
यदि किसी व्यक्ति में अवसाद, निराशा या आत्मघाती विचारों के संकेत दिखाई दें, तो परिवार और मित्रों का सहयोग तथा समय पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।