



कोटा। कोटा जिले में दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग पर चल रहे अंडरपास निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार रात हादसा हो गया। दरा घाटी क्षेत्र में रेलवे लाइन के नीचे ब्लॉक पुशिंग कार्य के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से दो रेलवे इंजीनियर मलबे में दब गए। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार दिल्ली-मुम्बई रेल लाइन की डाउन लाइन पर अंडरपास निर्माण के लिए ब्लॉक पुशिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी भरभराकर ढह गई। हादसे में सेक्शन इंजीनियर (सीडब्ल्यूआई) संजय कुमार झा और जूनियर इंजीनियर प्रभात सिंह मिट्टी के ढेर में दब गए। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और राहत कार्य तुरंत शुरू किया गया।
मौके पर मौजूद श्रमिकों और कर्मचारियों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर दोनों इंजीनियरों को मलबे से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल दोनों अधिकारियों को उपचार के लिए कोटा के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने संजय कुमार झा को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्रभात सिंह को बचाने के प्रयास में सीपीआर दी गई, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा, उप पुलिस अधीक्षक घनश्याम मीणा, कनवास उपखंड अधिकारी बाबूलाल मीणा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। पुलिस और प्रशासन की टीमें देर रात तक मौके पर मौजूद रहीं।
जानकारी के अनुसार रेलवे लाइन के नीचे तीन बड़े सीमेंट बॉक्स स्थापित किए जाने थे, जिनके लिए मिट्टी हटाने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। घटना के बाद निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और सुरक्षा कारणों से अंडरपास को दोनों ओर से बंद कर दिया गया है।
हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग की अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की गति कम कर दी। रेल यातायात को लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अतिरिक्त दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।
प्रशासन और रेलवे विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मिट्टी धंसने के पीछे तकनीकी कारण क्या थे और निर्माण कार्य के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।