



जयपुर| राजस्थान के खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और संगठन को देशभक्ति का “आईएसओ सर्टिफिकेट” राहुल गांधी से लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस शासनकाल और वर्तमान सरकार के कामकाज का अंतर अच्छी तरह देख चुकी है।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी और उनके परिवार के शासनकाल के दौरान देश में विकास की बजाय घोटालों की चर्चा अधिक होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय निर्णय लेने की क्षमता कमजोर थी और शासन व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिले हैं और अब विकास एवं सुशासन पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटाइजेशन और तकनीकी विकास के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। गांव-गांव तक डिजिटल सुविधाएं पहुंच रही हैं तथा युवाओं को स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को निवेश, तकनीक और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह देश के प्रत्येक नागरिक के प्रति समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं और यही सच्ची देशभक्ति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देशहित और जनसेवा की राजनीति सीखने की आवश्यकता है।
कांग्रेस शासनकाल पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उस समय 2जी घोटाला, सबमरीन घोटाला और हेलीकॉप्टर घोटाले जैसे मामलों की चर्चा पूरे देश में होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि उस समय जिनके पास संवैधानिक शक्ति थी, उनके पास राजनीतिक शक्ति नहीं थी और जिनके पास राजनीतिक शक्ति थी, उनकी जवाबदेही स्पष्ट नहीं थी।