



राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आमजन को किसी भी प्रकार की चिंता या घबराहट में आकर अतिरिक्त खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान देश की प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क प्रणाली से जुड़ा हुआ राज्य है, जिसके माध्यम से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से भी राज्य को आश्वस्त किया गया है कि भविष्य में ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने तेल एवं गैस कंपनियों को निर्देश दिए कि वे जिला-वार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता तथा वितरण संबंधी आंकड़े प्रतिदिन सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर स्टॉक और सप्लाई की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या कृत्रिम कमी की स्थिति उत्पन्न न हो।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पेट्रोल और डीजल की ड्रमों में खुली थोक बिक्री पर भी सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध बिक्री और ईंधन के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें, क्योंकि अनावश्यक खरीदारी से सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव बनता है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अम्बरीष कुमार ने बैठक में कहा कि विभागीय स्तर पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की अवैध बिक्री रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
बैठक में भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के वरिष्ठ अधिकारी, निजी तेल कंपनियों के प्रतिनिधि, पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।