



अजमेर। शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए रिंग रोड परियोजना पर काम जारी है। फिलहाल जनाना अस्पताल से माकड़वाली तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शेष है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिंग रोड की पूर्ण कनेक्टिविटी होने के बाद ही इसका वास्तविक लाभ शहरवासियों को मिल सकेगा।
राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में रिंग रोड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की घोषणा की है। रिंग रोड बनने से शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। इसके साथ ही पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
प्रस्तावित योजना के तहत पुष्कर के दोनों बाइपास को भी रिंग रोड से जोड़ने की संभावना पर काम किया जा रहा है। खासतौर पर कोटड़ा, महाराणा प्रताप नगर, पुष्कर रोड और जयपुर रोड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
वर्तमान में शहर के कई हिस्सों में टू-लेन बाइपास होने के कारण यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार कायड़ विश्राम स्थली, माकड़वाली, होकरा, कानस बूढ़ा पुष्कर और पुष्कर मार्ग को फोरलेन करना आवश्यक होगा, ताकि भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सके।
बजट घोषणा के तहत पुष्कर घाटी मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। योजना के अनुसार इस मार्ग को नौसर के निकट रिंग रोड से जोड़ा जाएगा, जिससे अजमेर और पुष्कर के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो सकेगा।
शहर के नागरिकों और व्यापारिक संगठनों का मानना है कि रिंग रोड परियोजना पूरी होने के बाद न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि शहर के बाहरी क्षेत्रों में विकास और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।