



जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2022 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पेपर लीक माफिया अनिल उर्फ शेर सिंह मीणा को सोमवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन की रिमांड पर लिया है। अब एसओजी शेर सिंह मीणा, बाबूलाल कटारा और उसके भांजे विजय डामोर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
एसओजी सूत्रों के अनुसार कोर्ट ने शेर सिंह मीणा को 15 मई तक रिमांड पर भेजा है। वहीं बाबूलाल कटारा और विजय डामोर को पहले ही 8 मई को गिरफ्तार किया जा चुका था और दोनों 13 मई तक एसओजी रिमांड पर हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि संयुक्त पूछताछ में पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि लीक हुआ पेपर किन-किन अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया और इसके बदले कितनी रकम वसूली गई। जांच एजेंसी उन अभ्यर्थियों की सूची भी तैयार कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर पेपर खरीदकर परीक्षा दी थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूर्व आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा ने स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर 60 लाख रुपए में शेर सिंह मीणा को उपलब्ध कराया था। आरोप है कि कटारा ने अपने भांजे विजय डामोर के लिए सामान्य ज्ञान और भूगोल का पेपर भी मांगा था।
एसओजी जांच के अनुसार कृषि विज्ञान का प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद बाबूलाल कटारा उसे अपने सरकारी आवास ले गया। वहां उसके भांजे विजय डामोर ने प्रश्नपत्र को रजिस्टर में लिखा। बाद में वही लिखा हुआ पेपर शेर सिंह मीणा को सौंप दिया गया।
आरोप है कि शेर सिंह मीणा ने प्रश्नपत्र की कई प्रतियां तैयार कर पेपर लीक गिरोह के अन्य सदस्यों विनोद रेवाड़, भूपेंद्र सारण और सुरेश ढाका को उपलब्ध करवाईं। इनके जरिए परीक्षा से पहले कई अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाया गया और करोड़ों रुपए की अवैध वसूली की गई।
एसओजी का कहना है कि मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे संभव हैं।