



जयपुर। कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों ने संसदीय समितियों की भूमिका और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने पर गंभीर मंथन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने अन्य राज्यों से आए स्पीकर्स का गुलाबी नगरी में स्वागत करते हुए कहा कि “समितियां लोकतंत्र का लघु सदन होती हैं और इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने जोर दिया कि विधायी प्रक्रिया को मजबूत बनाने में समितियों का योगदान केंद्रीय महत्व रखता है।
बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि समितियों को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति तंत्र लोकतंत्र का अभिन्न अंग है और इसके सुदृढ़ीकरण के लिए व्यापक सुधारों पर विचार किया जा रहा है। तोमर ने बताया कि इस संबंध में विस्तृत मंथन किया गया है और तैयार की जा रही रिपोर्ट आगामी जून माह में लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी जाएगी।
बैठक में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव साझा किए और समिति व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने पर जोर दिया। इस आयोजन को संसदीय परंपराओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।