



नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव और असम प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों के बाद बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए असम के प्रभारी महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दिया है। इस निर्णय के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि भंवर जितेंद्र सिंह को कांग्रेस के शालीन और जिम्मेदार नेताओं में गिना जाता है।
इस्तीफे के साथ जारी अपने पत्र में उन्होंने चुनाव परिणामों को निराशाजनक बताते हुए साफ तौर पर कहा कि वे इस हार की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने लिखा कि पार्टी की ओर से पूरी कोशिशों के बावजूद कांग्रेस असम की जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर जवाबदेही की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
अखिल भारतीय कांग्रेस महासचिव और असम प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने अपने संदेश में असम की जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि असम में बिताया गया समय और वहां से मिला स्नेह उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं के संघर्ष और समर्पण की सराहना करते हुए भविष्य में संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा कांग्रेस के भीतर आत्ममंथन की प्रक्रिया को और तेज कर सकता है, खासकर उन राज्यों में जहां पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।
