Thursday, 30 April 2026

हाईकोर्ट का आदेश: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम एमडी को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार संभालने से रोका


हाईकोर्ट का आदेश: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम एमडी को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार संभालने से रोका

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जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश देते हुए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) के प्रबंध निदेशक (एमडी) को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पद पर कार्य करने से रोक दिया है।

जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने 21 नवंबर 2025 के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसके तहत RSRTC के एमडी पुरुषोत्तम शर्मा को अतिरिक्त रूप से ट्रांसपोर्ट कमिश्नर का दायित्व सौंपा गया था।

“हितों का टकराव” पर कोर्ट की टिप्पणी

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि RSRTC एक राज्य उपक्रम है, जो परिवहन सेवा के क्षेत्र में निजी ऑपरेटरों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है। ऐसे में उसी संस्था का अधिकारी नियामक (रेगुलेटरी) पद पर रहते हुए निष्पक्ष निगरानी नहीं कर सकता, जिससे हितों का टकराव (Conflict of Interest) उत्पन्न होता है।

बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने दी चुनौती

इस मामले में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बस ओनर्स एसोसिएशन ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि राजेंद्र परिहार के माध्यम से याचिका दायर की थी।

याचिका में कहा गया कि—

  • एक ही व्यक्ति का RSRTC के एमडीऔर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर दोनों पदों पर होना अनुचित है

  • इससे निजी बस ऑपरेटरों के साथ प्रतिस्पर्धा में निष्पक्षता प्रभावित होती है

  • नियामक और सेवा प्रदाता की भूमिका एक साथ निभाना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं है

अगली सुनवाई 18 मई को

हाईकोर्ट ने मामले में अंतरिम राहत देते हुए आदेश पर रोक लगाई है और अगली सुनवाई की तारीख 18 मई तय की है। यह निर्णय राज्य में परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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