Saturday, 18 April 2026

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से वायरल फर्जी लेटर पर सियासत गरम, खुद राजे ने किया खंडन


पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से वायरल फर्जी लेटर पर सियासत गरम, खुद राजे ने किया खंडन

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पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पत्र ने राजस्थान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। इस पत्र को कई राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शेयर करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए, जिससे सियासी बहस तेज हो गई।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तुरंत इस पत्र को फर्जी बताते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “सांच को आंच की जरूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी मात्र है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयासों का वे और देश की हर महिला स्वागत करती हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन देश की नारी शक्ति न पहले रुकी है और न आगे रुकेगी।

वायरल लेटर में दावा किया गया था कि यह पत्र आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा है, जिसमें महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी लाइन से अलग विचार व्यक्त किए गए थे। इसी वजह से यह पत्र तेजी से चर्चा में आ गया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आधिकारिक खंडन के बाद यह स्पष्ट हो गया कि पत्र फर्जी है और इसके आधार पर चल रही सियासी चर्चाओं पर विराम लग गया।

वसुंधरा राजे का फर्जी पत्र की प्रति
वसुंधरा राजे का फर्जी पत्र की प्रति
वसुंधरा राजे का फर्जी पत्र की प्रति
वसुंधरा राजे का फर्जी पत्र की प्रति
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