



जयपुर में 14 अप्रैल 2026 को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जयपुर शहर द्वारा एक भव्य एवं गरिमामयी जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। भाजपा जयपुर शहर कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष निहालचंद मेघवाल ने अपने संबोधन में बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की सशक्त विचारधारा हैं, जिन्होंने देश को नई दिशा दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
जयपुर शहर प्रभारी प्रभु लाल सैनी ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के बजट को सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगभग 48 लाख करोड़ रुपये का बजट समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित है। उन्होंने ‘GYAN’ फॉर्मूले का उल्लेख करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया और कहा कि देश अब तुष्टिकरण की राजनीति से आगे बढ़कर संतुष्टिकरण और सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर है।
जयपुर शहर जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी कार्यकर्ता संगठन की मजबूती बनकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में भाजपा के विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि संगोष्ठी में पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, पदाधिकारीगण और कार्यकर्ता शामिल हुए तथा सभी ने बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। अंत में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि वे डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों को अपनाते हुए समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करेंगे और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में योगदान देंगे।