


प्रतापगढ़। राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत प्रतापगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर तस्कर की करोड़ों की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी है। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत अरनोद थाना क्षेत्र के आरोपी उस्मान खान उर्फ उस्मान पठान की करीब ₹2.78 करोड़ की चल-अचल संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F(1) के तहत फ्रीज किया गया है। भारत सरकार की सक्षम प्राधिकरण (SAFEMA/NDPS) से स्वीकृति मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी और उसके रिश्तेदारों के घरों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं।
इस कार्रवाई की शुरुआत 21 फरवरी 2026 को हुई थी, जब शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नाकाबंदी के दौरान नारायण लाल मीणा को सवा चार किलो से अधिक ब्राउन शुगर और केमिकल के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि यह खेप उस्मान खान द्वारा सप्लाई के लिए भेजी गई थी। मामले की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया, जिसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका है।
पुलिस की वित्तीय जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी के पास कोई वैध आय का स्रोत नहीं था, इसके बावजूद उसने कम समय में भारी संपत्ति अर्जित कर ली। जांच के अनुसार उसने अपनी माता और भाई के नाम पर करीब ₹50 लाख का मकान और ₹1 करोड़ का फार्महाउस बनवाया। इसके अलावा आरोपी ने महंगी गाड़ियां जैसे स्कॉर्पियो और रिश्तेदार के नाम पर लगभग ₹48 लाख की फॉरच्यूनर खरीदी। फार्महाउस पर उसने महंगे मारवाड़ी/काठियावाड़ी नस्ल के घोड़े और मुर्रा नस्ल की भैंसें भी पाल रखी थीं, जिनकी कीमत लाखों में आंकी गई है।
यह पूरी कार्रवाई NDPS Act और सफेमा के तहत की गई है। पुलिस द्वारा तैयार फ्रीजिंग प्रस्ताव को नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकरण को भेजा गया था, जिसकी मंजूरी के बाद संपत्तियों पर आधिकारिक रूप से रोक लगा दी गई है। एसपी बी. आदित्य ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों की अवैध संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपी उस्मान के खिलाफ पहले से ही जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।