



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक और बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का मानना है कि किसी भी प्रदेश की असली ताकत उसके युवा होते हैं और उनकी मजबूत नींव ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला रखती है। इसी दृष्टिकोण के तहत प्रदेश में युवा नीति, कौशल नीति और रोजगार नीति लागू कर युवाओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
राज्य सरकार ने युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित न रखकर उन्हें रोजगार सृजक बनाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को 10 लाख रुपए तक का ऋण 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके लिए 1000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। वहीं, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में VIBRANT कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे युवाओं को उद्यमिता और शोध के क्षेत्र में अवसर मिलेंगे।
रोजगार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। सरकार के कार्यकाल में अब तक 1.25 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.35 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। साथ ही आगामी वर्ष में 1.25 लाख नई भर्तियों की घोषणा की गई है। ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे निवेश कार्यक्रमों के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां कंप्यूटर, इंटरनेट, ई-लाइब्रेरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इससे युवाओं की शहरों पर निर्भरता कम होगी। वहीं भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई के साथ राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी के गठन की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए DREAM कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे पहले चरण में 50 हजार विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा 400 स्कूलों को CM-RISE मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा और युवाओं में STEM शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेष वर्गों के लिए भी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए कौशल विकास केंद्र तथा घुमंतू समुदायों के बच्चों के लिए ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ जैसी पहल शामिल हैं।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए Raj-SAVERA अभियान चलाया जा रहा है, जबकि खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल स्टेडियमों का निर्माण और खेलो राजस्थान यूथ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है। महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
राज्य सरकार की इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के साथ-साथ कौशल, शिक्षा और अवसरों से जोड़ना है, ताकि वे विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।