



जयपुर। राजस्थान में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सरकार ने अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेश की ग्राम पंचायतों में बड़े अतिक्रमणकारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए करीब 200 चिन्हित लोगों को 10 दिन का नोटिस जारी किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित अतिक्रमणकारियों की फोटो और नाम गांव में सार्वजनिक रूप से चस्पा किए जाएंगे।
सरकार की इस रणनीति का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी दबाव बनाकर ऐसे कृत्यों को रोकना है। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करना गंभीर अपराध है और अब ऐसे लोगों को समाज के सामने उजागर किया जाएगा। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद भी कब्जा बरकरार रहने पर ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए जाएंगे, जिससे अतिक्रमणकारियों की पहचान खुलकर सामने आए।
इसी के साथ विभागीय कार्यप्रणाली को भी सख्त किया गया है। समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंत्री कार्यालय और जनसुनवाई से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण अधिकतम 15 दिनों में किया जाए। समयसीमा का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों, विशेष रूप से मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO), के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में चारागाह भूमि, रास्तों और सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इस अभियान के तहत जिला स्तर पर लगातार निगरानी की जाएगी और एक विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे हर कार्रवाई की रिपोर्ट सीधे जयपुर मुख्यालय तक पहुंचे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से चल रहे भूमि विवादों और अवैध कब्जों पर लगाम लगेगी और सरकारी जमीनों को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। यह कदम न केवल प्रशासनिक सख्ती को दर्शाता है, बल्कि कानून के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता को भी मजबूत करता है।