Friday, 27 February 2026

राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म, 35 हजार बसें शुक्रवार रात से फिर दौड़ेंगी


राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म, 35 हजार बसें शुक्रवार रात से फिर दौड़ेंगी

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जयपुर। राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल गुरुवार देर रात समाप्त हो गई। परिवहन मुख्यालय में हुई अहम बैठक के बाद प्रशासन और ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के बीच सहमति बन गई, जिसके चलते प्रदेशभर में बंद पड़ी करीब 35 हजार निजी बसें शुक्रवार रात से दोबारा संचालन शुरू करेंगी। इस फैसले से होली के मौके पर घर लौटने की तैयारी कर रहे हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

जयपुर कलक्टर जितेंद्र सोनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पुरुषोत्तम शर्मा और बस ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि वार्ता के दौरान कुछ प्रमुख मांगों पर तत्काल सहमति बन गई है, जबकि शेष मांगों को विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद पूरा करने का आश्वासन प्रशासन की ओर से दिया गया है। प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए चरणबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया, जिसके बाद ऑपरेटरों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया।

हड़ताल के चलते प्रदेश में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। राज्य के भीतर और बाहर संचालित होने वाली हजारों बसें बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से होली पर्व को देखते हुए दूसरे राज्यों में काम करने वाले श्रमिक और छात्र अपने घर नहीं पहुंच सके और कई लोग अलग-अलग राज्यों में फंस गए।

गुरुवार को कुछ स्थानों पर प्रदर्शन उग्र भी हो गया था। दौसा जिले के महुआ क्षेत्र में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने कई निजी बसों को रुकवाया और चालक-परिचालकों के साथ धक्का-मुक्की की। कुछ स्थानों पर विरोध के प्रतीक के तौर पर जूतों की माला पहनाने जैसी घटनाएं भी सामने आईं। वहीं, अलवर में हड़ताल समर्थक ऑपरेटरों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। बीकानेर जिले के नापासर में परीक्षा देने जा रही छात्राओं को बस नहीं मिलने से वे परेशान होकर रोने लगीं, जिससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हुई।

अब हड़ताल समाप्त होने के बाद परिवहन व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है। प्रशासन ने भी भविष्य में संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाने पर जोर दिया है, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।

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