



अजमेर शहर की पंचशील कॉलोनी स्थित अंबिकेश्वर महादेव मंदिर में 25 फरवरी बुधवार देर रात चोरी की वारदात को पुजारी परिवार की सतर्कता और बहादुरी के कारण विफल कर दिया गया। घटना रात्रि लगभग 2:00 से 2:30 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब तीन चोर मंदिर में चोरी की नीयत से घुस आए। चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़ने के साथ ही दानपात्र का ताला भी तोड़ दिया। इसी दौरान हुई आहट से मंदिर पुजारी चंद्र प्रकाश शर्मा उर्फ तेज बहादुर और उनके परिवार की नींद खुल गई।
स्थिति को भांपते हुए पुजारी और उनके पुत्र दिनेश शर्मा तुरंत मंदिर पहुंचे और साहस दिखाते हुए एक चोर को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए आरोपी ने भागने की कोशिश के दौरान लोहे की नुकीली रॉड से हमला भी किया, जिससे पुजारी को पैर और हाथ में चोटें आईं। बावजूद इसके पुजारी परिवार ने जान जोखिम में डालकर आरोपी को पकड़कर शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हो गए।
सूचना मिलने पर कृष्णगंज थाना पुलिस रात करीब 3:21 बजे मौके पर पहुंची और पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लिया। आरोपी की पहचान अजय रावत पुत्र शंकर रावत निवासी गनाहेड़ा, पुष्कर के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से नकदी राशि, प्लास्क तथा चोरी में प्रयुक्त नुकीला सरिया बरामद किया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वारदात में कुल तीन लोग शामिल थे, जिनमें उसके साथी रहमान और शहजाद भी थे। आरोपियों ने रेलवे स्टेशन अजमेर के आसपास मिलकर शहर में चोरी की वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने आरोपी को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया तथा मंदिर के टूटे दानपात्र पर सुरेश गुर्जर एडवोकेट, मनोज ओझा एवं अन्य स्थानीय लोगों की मौजूदगी में नया ताला लगवाया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बरामद नकदी मंदिर से चोरी की गई थी या अन्य स्थानों से लाई गई थी। आरोपी के अनुसार उसकी जेब में मिली राशि उसके साथियों ने रखी थी।
घटना के बाद वार्ड 75 के पूर्व पार्षद रमेश चेलानी सहित क्षेत्रवासियों ने कृष्णगंज थाने पहुंचकर पुजारी की ओर से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई। घायल पुजारी का मेडिकल परीक्षण करवाने की प्रक्रिया भी पुलिस द्वारा शुरू की गई है। स्थानीय लोगों ने शहर में रात्रिकालीन गश्त की कमी पर चिंता जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित अजमेर यात्रा से ठीक पहले मंदिर में हुई इस घटना को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस फरार आरोपियों रहमान और शहजाद की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि गहन पूछताछ के बाद अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। मामले की जांच जारी है।
