



जयपुर। जयपुर के ऐतिहासिक जलमहल क्षेत्र में रविवार को भारतीय वायुसेना द्वारा आयोजित भव्य एयर शो ने शहरवासियों को रोमांचित कर दिया। नाहरगढ़ एयर बेस से उड़ान भरते हुए सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के पांच ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने ‘योद्धा फॉर्मेशन’ में आसमान में एंट्री ली और देखते ही देखते पूरा आकाश देशभक्ति के उत्साह से भर गया। हेलिकॉप्टरों ने आई, क्रॉस, डॉल्फिन और डबल क्रॉस जैसी जटिल एरोबेटिक फॉर्मेशन बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एयर शो का मुख्य आकर्षण भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीम रही, जिसके नौ हॉक-132 विमानों ने आसमान में सटीक तालमेल और अद्भुत संतुलन के साथ अलग-अलग एरोबेटिक करतब दिखाए। विमान और हेलिकॉप्टर करीब 100 फीट से लेकर 1000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए विभिन्न संरचनाएं बनाते रहे, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जलमहल और आसपास के क्षेत्रों में जुटे।
कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे,मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़,उप मुख्यमंत्री दिया कुमारीऔर जयपुर की सांसद मंजू शर्मा एयर शो के साक्षी बने और उन्होंने इसे जयपुर के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में देशभक्ति, जोश और सैन्य सेवाओं के प्रति आकर्षण बढ़ाते हैं तथा युवा भारतीय सेना और वायुसेना में शामिल होने के लिए प्रेरित होते हैं।
सूर्यकिरण टीम के विंग कमांडर राजेश काजला ने बताया कि जयपुर में आयोजित यह उनका अंतिम एयर शो है, जो उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भावुक और यादगार पल है। उन्होंने कहा कि शो में प्रदर्शित ‘हिडन स्प्रिट लूप’ उनका पसंदीदा करतब है और उन्होंने दर्शकों से मुस्कुराते हुए कहा—“आसमान में मुझे ढूंढ कर दिखाइए।”
सारंग टीम के ध्रुव हेलिकॉप्टरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। चार हेलिकॉप्टरों ने ‘लेवल मेश’ और ‘लेवल क्रॉस’ फॉर्मेशन दिखाते हुए बेहद करीबी दूरी—लगभग 50 मीटर—पर उड़ान भरकर अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। बैकग्राउंड में देशभक्ति गीतों की धुन के साथ किए गए इन करतबों ने दर्शकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया। इसके बाद टीम ने डबल क्रॉस फॉर्मेशन बनाकर एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए रोमांचक प्रदर्शन किया, जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों और जयकारों से आसमान गूंजा दिया।
जलमहल पर आयोजित यह एयर शो जयपुरवासियों के लिए यादगार अनुभव साबित हुआ, जहां आधुनिक सैन्य कौशल, तकनीकी क्षमता और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।