



नई दिल्ली। पंचायत परिसीमन को लेकर दायर एक और याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही राजस्थान सरकार को बड़ी राहत बरकरार रही। पंचायतों के पुनः सीमांकन को चुनौती देने वाली इस याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान निरस्त कर दिया।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा न्यायालय में उपस्थित रहे और सरकार का पक्ष रखा। न्यायालय के इस निर्णय के बाद राजस्थान में पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। पहले भी इसी प्रकार की कई याचिकाएं दायर की जा चुकी थीं, जिन्हें न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
परिसीमन प्रक्रिया को लेकर कुछ याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि पंचायत सीमाओं के पुनर्निर्धारण में अनियमितता बरती गई है। हालांकि राज्य सरकार का कहना था कि परिसीमन प्रक्रिया विधि के अनुरूप और निर्धारित नियमों के तहत की गई है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने से सरकार के रुख को मजबूती मिली है।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पंचायत चुनावों की समय-सीमा को लेकर पहले से ही न्यायालय के निर्देश मौजूद हैं। अब कानूनी अड़चन कम होने से राज्य निर्वाचन प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि लगातार याचिकाओं के खारिज होने से परिसीमन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों पर विराम लगेगा और चुनावी तैयारियां गति पकड़ेंगी।