



सीकर। राजस्थान गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में कथित फर्जीवाड़ा कर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। विभाग ने आरजीएचएस परियोजना निदेशक की अनुशंसा पर 7 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है। ये सभी डॉक्टर सीकर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों और सीकर जिले के पीएचसी-सीएचसी में कार्यरत थे।
सूत्रों के अनुसारआरजीएचएस की परियोजना निदेशकडॉ. निधि पटेल ने जांच के बाद मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट को कार्रवाई की सिफारिश की थी। जांच रिपोर्ट में आरोप है कि कुछ डॉक्टरों ने निजी डायग्नोसिस सेंटर को लाभ पहुंचाने के लिए अनावश्यक जांचें लिखीं और प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतीं।
निलंबित किए गए डॉक्टरों में सीकर मेडिकल कॉलेज से अटैच अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल, सह आचार्य डॉ. सुनील कुमार ढाका, डॉ. मुकेश वर्मा, एसके हॉस्पिटल के डॉ. गजराज सिंह, डॉ. एस.एस. राठौड़, डॉ. सुनील शर्मा तथा किरवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. राकेश कुमार शामिल हैं।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कुछ मरीजों के लिए HbA1c, RA Factor, Procalcitonin जैसी महंगी जांचें लिखी गईं, जबकि मेडिकल रिकॉर्ड में उनका स्पष्ट कारण दर्ज नहीं था। कई मामलों में T2DM (टाइप-2 डायबिटीज) के लिए दर्शाए गए HbA1c टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। ओपीडी पर्ची में भी संबंधित परामर्श का उल्लेख नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया कि अनावश्यक जांचों के कारण आरजीएचएस के तहत सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आगे की विभागीय जांच में दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।