



दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र के गेरोटा गांव में आत्महत्या के एक मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब परिजन बिना पोस्टमार्टम के ही युवक का अंतिम संस्कार करने पर अड़ गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के विरोध के बीच चिता से शव उतरवाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करवाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीन थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही।
थाना प्रभारी गौरव प्रधान के अनुसार, गेरोटा निवासी 26 वर्षीय राहुल मीणा ने आत्महत्या कर ली थी। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को बिना पोस्टमार्टम घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी कर श्मशान घाट पहुंच गए।
जब पुलिस को बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार की सूचना मिली, तो टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाइश दी कि आत्महत्या के मामलों में पोस्टमार्टम कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। हालांकि शुरुआत में परिजन और ग्रामीण विरोध करते रहे और अंतिम संस्कार करने पर अड़े रहे।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कानूनी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चिता से शव उतरवाया और उसे सिकराय अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं में कानून के तहत प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की शंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।