



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर पर्यावरण प्रेमी संतों एवं समाज के प्रबुद्धजनों ने मुलाकात की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संतों और प्रतिनिधियों ने राज्य विधानसभा में 5 फरवरी को खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाए जाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। संतों ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनने से समाज में हर्ष और विश्वास का वातावरण बना है।
मुकाम पीठाधीश्वर रामानन्द महाराज ने मुख्यमंत्री शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 70 वर्षों बाद खेजड़ी की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा कानून लाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी ने कहा कि 27 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री ने पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रतिनिधियों से खेजड़ी संरक्षण को लेकर सुझाव सुने थे और आज उन्हीं सुझावों के अनुरूप विधानसभा में कानून बनाने की घोषणा कर उन्होंने अपने वचन को निभाया है। संतों के सान्निध्य में समाज के प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार खेजड़ी और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संतों और प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही इसे विधिक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों, पर्वतों और नदियों की पूजा की जाती है तथा संत-ऋषि समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। बिश्नोई समाज ने विश्व को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने की प्रेरणा दी है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने भगवान जम्भेश्वर जी और मां अमृता देवी को नमन करते हुए कहा कि गुरु जम्भेश्वर जी द्वारा प्रतिपादित 29 नियम आज भी पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी मॉडल हैं। उन्होंने “जीव दया पालनी, रुख लीलौ नहीं घावै” के शाश्वत संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि निरीह जीवों और वृक्षों की रक्षा भी भक्ति का ही एक स्वरूप है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार ने वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया है। बीते दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं और अगले पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री केके बिश्नोई, राजस्थान राज्य जीव जंतु बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई, पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई, आचार्य महन्त स्वामी भगवान दास, महन्त स्वामी भागीरथदास शास्त्री, राजू महाराज, स्वामी कृपाचार्य, स्वामी बलदेवानन्द, स्वामी शिवज्योतीषानन्द, महन्त शिवदास रूडकली, स्वामी प्रेमदास महाराज, रविदास जी महाराज, सुरेन्द्रानन्द महाराज, रघुवरदास जी महाराज, शिवदास जी महाराज, महेशानन्द महाराज, विकास सहित अन्य संत उपस्थित रहे। साथ ही, बालोतरा, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, जोधपुर, फलौदी, जालोर, श्रीगंगानगर जिले के बिश्नोई समाज की प्रबुद्ध महिलाएं एवं बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित रहे।