



जयपुर। परकोटा इलाका एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। शनिवार को संजय सर्किल के पास स्थित चांदपोल सब्जी मंडी की एक मजार पर छत निर्माण को लेकर उस समय हंगामा हो गया, जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य निर्माण कार्य रुकवाने मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए और कुछ ही देर में किशनपोल विधायक अमीन कागजी भी समर्थकों के साथ वहां आ गए। दोनों विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए सांप्रदायिक तनाव जैसी स्थिति बन गई।
निर्माण कार्य पर आपत्ति, बालमुकुंदाचार्य का हस्तक्षेप
विवाद की शुरुआत मजार पर पक्की छत डालने के कार्य से हुई। स्थानीय स्तर पर आपत्ति की सूचना मिलने पर विधायक बालमुकुंदाचार्य मौके पर पहुंचे और आरोप लगाया कि बिना समुचित अनुमति और पुराने स्वरूप से छेड़छाड़ कर नया निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने तत्काल काम रुकवाते हुए प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की। विधायक का कहना था कि परकोटा जैसे विरासत क्षेत्र में किसी भी धार्मिक या अन्य निर्माण के लिए नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है।
अमीन कागजी का पलटवार, बोले—अपने क्षेत्र तक सीमित रहें
निर्माण रुकने की जानकारी मिलते ही किशनपोल विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित कागजात और प्रशासन की कथित अनुमति का हवाला देते हुए बालमुकुंदाचार्य के हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई। कागजी ने कहा कि दूसरे विधानसभा क्षेत्र में आकर राजनीतिक हस्तक्षेप करना उचित नहीं है और इससे अनावश्यक तनाव फैलता है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने क्षेत्र में उन्होंने मंदिरों सहित कई धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार कराए हैं और यहां भी केवल कानूनी मरम्मत कार्य का समर्थन किया जा रहा है।
पुलिस ने संभाली स्थिति, जांच में जुटा प्रशासन
तनाव की स्थिति को देखते हुए डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और भीड़ को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि निर्माण कार्य के लिए वैध अनुमति ली गई थी या नहीं।
गंगा-जमुनी तहजीब पर उठते सवाल
परकोटा क्षेत्र में इससे पहले भी धार्मिक स्थलों, अतिक्रमण और मरम्मत कार्यों को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक टकराव के कारण जयपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द पर असर पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में समय रहते स्पष्ट निर्णय लेकर शांति बनाए रखी जाए।