



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राजस्थान के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सरकार स्वयं ग्रामीणों तक पहुंचकर समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है। मुख्यमंत्री शर्मा रविवार को अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र के ग्राम बहाला में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी 152 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गांवों में देश की आत्मा बसती है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र के अनुरूप राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वीबीजी रामजी कानून के तहत ग्रामीणों को अब वर्ष में 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जिससे गांवों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण संभव हो सकेगा। इस कानून में नरेगा की खामियों को दूर करते हुए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिसमें श्रमिकों की मजदूरी सीधे उनके खातों में पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि अब तक प्रदेश में 1800 से अधिक ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे लाखों ग्रामीणों को राहत मिली है। इन शिविरों के माध्यम से 1.34 लाख से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड, 65 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं तथा 37 हजार किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त हुए हैं। साथ ही साढ़े छह लाख पशुओं का उपचार और पीएम सूर्य घर योजना के तहत 36 हजार से अधिक पंजीकरण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 9 हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि ग्राम उत्थान शिविरों के माध्यम से डेयरी, सौर ऊर्जा और अन्य योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रहा है, जिससे विकसित राजस्थान की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की स्टॉल का अवलोकन किया और लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, चेक तथा विशेष योग्यजनों को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर प्रदान की।