



खाटूश्याम (सीकर)।धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण स्वच्छता एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्रतिदिन लगभग 50 क्विंटल कचरा उत्पन्न होने से शहर में गंदगी, जलभराव और गंदे पानी की समस्याएं सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए श्री श्याम मंदिर कमेटी ने शहर को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। मंदिर कमेटी की पहल पर अब खाटूश्यामजी में आधुनिक और वैज्ञानिक कचरा निस्तारण एवं ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 10 करोड़ रुपये होगी।
मंदिर कमेटी से जुड़े मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में नगर पालिका को औपचारिक पत्र सौंप दिया गया है। नगर पालिका अपने खर्च पर यह अत्याधुनिक प्लांट लगाएगी, जिसमें कचरे का केवल संग्रह ही नहीं, बल्कि उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस भी किया जाएगा। इस प्लांट के शुरू होने से अब कचरे को खुले डंपिंग यार्ड में फेंकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे पर्यावरण प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
इस कचरा निस्तारण प्लांट के स्थापित होने से खाटूश्यामजी शहर को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा। जलभराव और गंदे पानी की समस्या में कमी आएगी, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र स्वच्छ और सुंदर दिखाई देंगे तथा श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही यह पहल धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए एक मॉडल के रूप में भी सामने आएगी।
मानवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मंदिर कमेटी का लक्ष्य खाटूधाम को केवल आध्यात्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता के मामले में भी प्रदेश का अग्रणी धार्मिक स्थल बनाना है। इसी सोच के तहत मंदिर कमेटी शिक्षा और सामाजिक सरोकारों में भी निरंतर योगदान दे रही है।
उन्होंने बताया कि खाटूश्यामजी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नए भवन निर्माण के लिए मंदिर कमेटी की ओर से 6 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा सर्दियों में जरूरतमंदों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था हेतु नगर पालिका को 36.75 लाख रुपये की राशि भी सौंपी गई है। इन प्रयासों से स्पष्ट है कि मंदिर कमेटी धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी पूरी गंभीरता से निर्वहन कर रही है।