



सीकर। नीमकाथाना विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के दो बार विधायक रहे वरिष्ठ किसान नेता फूलचंद गुर्जर का शुक्रवार को 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और जयपुर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही नीमकाथाना सहित पूरे शेखावाटी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और किसान संगठनों ने उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
फूलचंद गुर्जर की अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, भाजपा पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति रही। लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनके लंबे सामाजिक व राजनीतिक योगदान को याद किया। अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्र में शोक और सम्मान का वातावरण देखने को मिला।
फूलचंद गुर्जर का जन्म नीमकाथाना क्षेत्र के मोठूका गांव में हुआ था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से इतिहास विषय में स्नातकोत्तर (एमए) की डिग्री प्राप्त की थी। उनका प्रारंभिक जीवन शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा रहा। वर्ष 1972 से 1978 तक उन्होंने सरस्वती विद्या निकेतन, बनीपार्क (जयपुर) में अध्यापक के रूप में सेवाएं दीं। शिक्षण कार्य के दौरान ही वे सामाजिक सरोकारों से जुड़े और बाद में सक्रिय सार्वजनिक व राजनीतिक जीवन में प्रवेश किया।
राजनीति में आने के बाद फूलचंद गुर्जर ने किसान हितों, ग्रामीण विकास और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। नीमकाथाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहते हुए उन्होंने किसानों और आमजन की समस्याओं को विधानसभा में मजबूती से रखा। उनके सरल स्वभाव और जमीनी जुड़ाव के कारण वे क्षेत्र में एक लोकप्रिय जननेता के रूप में पहचाने जाते थे।
उनके निधन से न केवल भाजपा बल्कि संपूर्ण शेखावाटी क्षेत्र ने एक अनुभवी, विचारशील और जनसेवा को समर्पित नेता को खो दिया है।