Sunday, 30 November 2025

ITAT घूसकांड: CBI की जांच पांचवें दिन भी जारी, डिजिटल डिवाइसों से मिले अहम सबूत — आरोपी मेंबर और वकील से आमने-सामने पूछताछ होगी


ITAT घूसकांड: CBI की जांच पांचवें दिन भी जारी, डिजिटल डिवाइसों से मिले अहम सबूत — आरोपी मेंबर और वकील से आमने-सामने पूछताछ होगी

आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) घूसकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच रविवार को पांचवें दिन भी जारी रही। जांच एजेंसी ने आरोपियों से लगातार पूछताछ करते हुए कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं।
CBI की टीम इस समय इस घूसकांड में शामिल अन्य लोगों की तलाश में भी जुटी हुई है।

गौरतलब है कि इस मामले में डॉ. एस. सीता लक्ष्मी (ज्यूडिशियल मेंबर), एडवोकेट राजेंद्र सिंह सिसोदिया, अकाउंटेंट मेंबर कमलेश राठौड़ और पक्षकार मुजम्मिल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी

CBI सूत्रों के अनुसार, एजेंसी जल्द ही डॉ. एस. सीता लक्ष्मी, एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया और कमलेश राठौड़ को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी।
CBI ने आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के मुताबिक, इनमें ITAT के निर्णयों के ड्राफ्ट दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें बाद में कथित रूप से रिश्वत लेकर फाइनल आदेश जारी करने के समय बदला गया था।

CBI को मिले कई अहम सबूत

CBI को छापों के दौरान डॉ. सीता लक्ष्मी के घर से कीमती साड़ियां, गहने और लक्जरी सामान मिले हैं।
इन वस्तुओं के भुगतान कैश और दूसरों के नाम से बिल बनाकर किए गए थे।
इसके अलावा, एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया के घर से बरामद डायरी में ITAT के कई अधिकारियों के साथ कथित पुराने लेनदेन का ब्योरा दर्ज मिला है।

CBI ने आरोपियों के डिलीट किए गए मोबाइल चैट्स को रिकवर किया है, जिनमें कई संवेदनशील और सबूतनुमा बातचीत सामने आई है।
सूत्रों का कहना है कि इन चैट्स के आधार पर अन्य संदिग्धों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सकता है।

CBI ने कोर्ट से रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग की

शनिवार को आरोपियों की रिमांड अवधि खत्म होने पर CBI ने उन्हें जयपुर की विशेष CBI कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने डॉ. एस. सीता लक्ष्मी और एडवोकेट राजेंद्र सिसोदिया को 2 दिसंबर तक CBI रिमांड पर भेजा, जबकि मुजम्मिल को पूछताछ पूरी होने के बाद 12 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया।
चौथा आरोपी कमलेश राठौड़ पहले से ही CBI रिमांड पर है।

CBI के पब्लिक प्रोसिक्यूटर राहुल अग्रवाल ने कोर्ट में बताया कि इस मामले से जुड़े कई लोग अभी भी भूमिगत हैं।
उन्होंने कहा कि एजेंसी को जब्त दस्तावेजों का विश्लेषण और संबंधित रिकॉर्ड की जांच करनी है।

अरेस्टिंग पर बचाव पक्ष की आपत्ति

दूसरी ओर, डॉ. एस. सीता लक्ष्मी की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट एस.एस. होरा ने CBI की कार्रवाई को अवैध बताया।
उन्होंने कहा कि CBI ने गिरफ्तारी के दौरान कई प्रक्रिया संबंधी नियमों की अनदेखी की है।
होरा ने सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट से CBI की अतिरिक्त रिमांड अर्जी को खारिज करने की मांग की।

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