Sunday, 30 November 2025

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर में आमजन के साथ सुना प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर में आमजन के साथ सुना प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 30 नवंबर को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के इस प्रेरणादायी कार्यक्रम को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के सांगानेर स्थित कैंप कार्यालय में आमजन, कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ मिलकर सुना।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक संवाद नहीं, बल्कि देश के जनमानस से जुड़ने का माध्यम है, जो हर भारतीय को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का अवसर देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में #VocalForLocal अभियान को नई गति प्रदान करते हुए उदयपुर के कुशल कारीगरों द्वारा निर्मित चांदी के अश्व की प्रतिकृति का विशेष उल्लेख किया — जिसे उन्होंने G20 शिखर सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री को उपहारस्वरूप भेंट किया था। प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में राजस्थान की शिल्पकला, मेहनतकश कारीगरों की प्रतिभा और भारत की सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने Natural Farming (प्राकृतिक खेती), Winter Tourism (शीतकालीन पर्यटन) और खेल जगत की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने देशवासियों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा –

“आज सांगानेर कैंप कार्यालय में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री @narendramodi जी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें संस्करण को सुना। प्रधानमंत्री जी ने Vocal for Local अभियान, Natural Farming, Winter Tourism एवं खेल जगत की विविध उपलब्धियों पर सारगर्भित चर्चा की। आइए, स्थानीय उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँ!”

मुख्यमंत्री की यह सहभागिता जनसंवाद को मजबूत करने और प्रधानमंत्री मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ के संदेश को राजस्थान के कोने-कोने तक पहुंचाने की दिशा में एक प्रेरक कदम माना जा रहा है।

Previous
Next

Related Posts