जैसलमेर पुलिस ने जाली नोट के बड़े मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में थाना कोतवाली की टीम ने बिहार निवासी रजाबुल पुत्र मोहम्मद खलील को पकड़कर गिरफ्तार किया। आरोपी पर ई-मित्र संचालक से ठगी करने का आरोप है और अब उससे पूछताछ कर रैकेट की गहन जांच की जा रही है।
यह मामला 18 अगस्त 2025 का है। मोहनगढ़ निवासी असरूद अली (डी.के. सांवरा नाम से ई-मित्र संचालित करते हैं) ने शिकायत दी थी कि 17 अगस्त को एक व्यक्ति उनके पास आया और 14,000 रुपये नकद लेकर गूगल पे से भुगतान किया। उसी दिन शाम को आरोपी फिर लौटा और 10,100 रुपये नकद देकर 10,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा।
असरूद अली को नोटों पर शक हुआ और अगले दिन जब उन्होंने दूसरे ई-मित्र केंद्र पर मशीन से जांच कराई तो 10,000 रुपये के 9 नोट नकली पाए गए। इस पर थाना कोतवाली, जैसलमेर में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी शिवहरे के आदेश पर एक विशेष टीम बनाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाशदान जुगतावत, वृत्ताधिकारी रूपसिंह ईंदा और थानाधिकारी प्रेमदान के नेतृत्व में गहन जांच की गई।
छानबीन के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी रजाबुल को गिरफ्तार किया। वह बिहार के पूर्णिया जिले के आमौर का निवासी है। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस का मानना है कि आरोपी एक बड़े जाली नोट गिरोह का हिस्सा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने की संभावना है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कहां से आए और किन-किन जगहों पर खपाए गए।