



केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने राजस्थान में यमुना जल आपूर्ति को लेकर गुरुवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। बैठक में विशेष रूप से झुंझुनूं, सीकर और चूरू ज़िलों में पानी की विकट समस्या और किसानों की सिंचाई ज़रूरतों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि यमुना जल परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु कंसल्टेंट की नियुक्ति शीघ्र की जाएगी। राजस्थान और हरियाणा की सरकारों की ओर से गठित संयुक्त टास्क फोर्स की दो बैठकें पहले ही हो चुकी हैं।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का गृह जिला झुंझुनूं है, और वे लंबे समय से यमुना जल सहित किसानों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते रहे हैं।
पृष्ठभूमि:
वर्ष 1994 में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के बीच यमुना जल समझौता हुआ था।इस समझौते में कुल 11,983 एमसीएम जल का बंटवारा किया गया था, जिसमें से राजस्थान को 1,119 एमसीएम जल आवंटित किया गया।वर्ष 2001 में यमुना अपर रिवर बोर्ड की बैठक में तय हुआ था कि मानसून अवधि (जुलाई–अक्टूबर) में 1,917 क्यूसेक जल राजस्थान को आवंटित किया जाएगा।