दौसा राजस्थान में पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई के तहत राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी भर्ती परीक्षा मामले में आरोपी हर्षवर्धन मीणा को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जिला कलेक्टर दौसा देवेन्द्र कुमार ने 21 मार्च को आदेश जारी कर मीणा को बर्खास्त किया। हर्षवर्धन को एसओजी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी जेल में बंद है, और एसओजी कई बार उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। उसके खिलाफ 6 से अधिक एफआईआर दर्ज हैं।
एडीजी एसओजी वीके सिंह ने बताया कि सरकार की पेपर लीक के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति का यह प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की सख्त कार्रवाइयों से गैंग के सदस्यों का मनोबल टूटेगा, और भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हरकत करने से पहले कई बार सोचेगा।
गौरतलब है कि हर्षवर्धन मीणा पर जेईएन भर्ती परीक्षा 2020 में नकल कराने और डमी कैंडिडेट बैठाने का आरोप है। उसे राज्य में पेपर लीक गिरोह का सरगना माना जा रहा है।
सबसे खास बात यह है कि हर्षवर्धन की पत्नी सरिता मीणा भी पहले ही सेवा से बर्खास्त की जा चुकी है। उसे भीलवाड़ा के तत्कालीन कलेक्टर नमित मेहता ने एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास कराने के मामले में सेवा से हटाया था। राज्य सरकार द्वारा पेपर लीक मामलों में शामिल कर्मचारियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिससे नकल माफिया को खत्म करने के लिए एक सख्त संदेश दिया जा रहा है।