किन्नर अखाड़े में विवाद गहराता जा रहा है। अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उन्होंने लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी और अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटा दिया है।
ममता कुलकर्णी पर उठाए सवाल:अजय दास ने कहा कि ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।"जिस पर देशद्रोह का आरोप हो, उसे महामंडलेश्वर कैसे बनाया जा सकता है?"
लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी पर क्या बोले अजय दास?उन्होंने कहा कि किन्नर समाज के उत्थान और धर्म प्रचार के लिए मैंने लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी को आचार्य महामंडलेश्वर बनाया था, लेकिन वे भटक गईं।
"यह कोई बिग बॉस का शो नहीं है, जिसे कुंभ के दौरान एक महीने चला दिया जाए।""इसलिए मैंने एक्शन लिया और उन्हें महामंडलेश्वर पद से हटा दिया।"
लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने किया पलटवारअजय दास के इस बयान पर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और उनके दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया।
"वे कौन होते हैं मुझे अखाड़े से निकालने वाले? 2016 में ही अजय दास को किन्नर अखाड़े से निकाल दिया गया था। वे अब निजी स्वार्थ के लिए ऐसा कह रहे हैं।"
अखाड़ा परिषद ने भी अजय दास को नकारा:अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने स्पष्ट कर दिया कि वे लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी के साथ हैं।"अजय दास हैं कौन? हम इन्हें नहीं जानते।"
अखाड़े में यह विवाद क्यों बढ़ा?महामंडलेश्वर पद से हटाने के अधिकार को लेकर असहमति:अजय दास खुद को अखाड़े का संस्थापक बताकर पद से हटाने का दावा कर रहे हैं।लेकिन, लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी और अखाड़ा परिषद इसे मानने से इनकार कर रही है।
ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर पद पर चयन:ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।उन पर पुराने देशद्रोह के आरोपों के चलते विवाद खड़ा हो गया है।
अखाड़े की अंदरूनी गुटबाजी:अखाड़े में लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी और अजय दास गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं।अखाड़ा परिषद त्रिपाठी के पक्ष में है, जबकि अजय दास खुद को संस्थापक बताकर अपने फैसले को सही ठहरा रहे हैं।