



मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश के किसानों की समस्याओं के समाधान और उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में, राज्य सरकार ने खरीफ फसल 2024-25 में 20 जिलों के 5888 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। यह निर्णय फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान के कारण लिया गया है, जो कि बाढ़ और अन्य आपदाओं के प्रभाव से प्रभावित हुए हैं।
आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव भगवंत सिंह ने बताया कि इन प्रभावित गांवों में राजस्थान एफेक्टेड एरियाज (सस्पेंशन ऑफ प्रोसिडिंग्स) एक्ट, 1952 की धारा 5 से 10 तक के प्रावधान 31 मार्च 2025 तक लागू रहेंगे। इसके तहत प्रभावित किसानों को विशेष राहत मिलेगी।
| जिला | प्रभावित गांव |
|---|---|
| बूंदी | 486 |
| नागौर | 67 |
| धौलपुर | 58 |
| झालावाड़ | 61 |
| सवाई माधोपुर | 2 |
| बारां | 1 |
| अजमेर | 592 |
| भरतपुर | 418 |
| बीकानेर | 45 |
| बांसवाड़ा | 817 |
| बालोतरा | 10 |
| फलोदी | 207 |
| पाली | 155 |
| हनुमानगढ़ | 49 |
| डीग | 258 |
| जोधपुर | 262 |
| ब्यावर | 626 |
| भीलवाड़ा | 564 |
| कोटा और टोंक | कुछ गांव |
| श्री करणपुर (गंगानगर) | 2 |
इसके अलावा, गंगानगर जिले की तहसील श्री करणपुर के 2 गांवों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। प्रभावित किसानों को कृषि आदान अनुदान के तहत राहत दी जाएगी।