



जयपुर। पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लंबे समय से पंचायत और निकाय चुनाव टालती रही और आखिरकार अदालत के हस्तक्षेप के बाद चुनाव कराने का फैसला करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को उसके कामकाज का जवाब दे।
सचिन पायलट ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, लेकिन राज्य सरकार इन्हें लगातार टालती रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से बचना चाहती थी, लेकिन कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद चुनाव कराने का निर्णय लेना पड़ा। पायलट ने कहा कि कांग्रेस अब इन चुनावों में भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज को जनता के बीच लेकर जाएगी।
पायलट ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों और दिशाहीन कार्यप्रणाली से परेशान है।
उन्होंने कहा कि पंचायत एवं निकाय चुनावों में जनता को सरकार के कामकाज का मूल्यांकन करने का मौका मिलेगा और कांग्रेस को भरोसा है कि मतदाता भाजपा को इसका जवाब देंगे।
प्रदेश में होने वाले पंचायत एवं निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर जयपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठनात्मक तैयारियों और प्रत्याशी चयन सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, महासचिव जितेंद्र सिंह, सह-प्रभारी चिरंजीव राव, मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी सहित सांसद, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में स्थानीय स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, बूथ और वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करने तथा चुनावी मुद्दों को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर भी मंथन हुआ।
कांग्रेस की रणनीति स्थानीय समस्याओं के साथ राज्य सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दा बनाने की है। पार्टी पंचायत और निकाय चुनावों को आगामी राजनीतिक मुकाबलों के लिए भी महत्वपूर्ण मान रही है।
कांग्रेस आने वाले दिनों में संभावित प्रत्याशियों से फीडबैक लेने, स्थानीय नेताओं से चर्चा करने और चुनावी क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेज करने की तैयारी में है।
पायलट के बयान से साफ है कि कांग्रेस पंचायत और निकाय चुनावों को भाजपा सरकार के खिलाफ जनमत के रूप में पेश करने की रणनीति बना रही है।