



एसओजी एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में टीम, 7 अस्पताल और 7 मेडिकल स्टोर जांच के घेरे में, नए मामलों की जांच भी यही दल करेगा
जयपुर। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में कथित घोटालों और अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों की जांच अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) करेगी।
इसके लिए एडीजी विशाल बंसल ने एसपी कुंदन कंवरिया के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की है। यह टीम फिलहाल करीब 25 एफआईआर की जांच करेगी, जो अलग-अलग जिलों और थानों में दर्ज हैं।
एडीजी विशाल बंसल के अनुसार भविष्य में आरजीएचएस से जुड़ी कोई नई एफआईआर दर्ज होती है तो उसकी जांच भी यही विशेष टीम करेगी।
जांच दल में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। जिन मामलों की जांच अभी स्थानीय थानों के अधिकारी कर रहे हैं, उन्हें भी विशेष टीम का हिस्सा बनाया जाएगा।
अब तक दर्ज मामलों में अलग-अलग जिलों के 7 अस्पताल और 7 मेडिकल स्टोर जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। इन संस्थानों पर आरजीएचएस के तहत कथित फर्जी इलाज, बिना मरीज के उपचार दिखाने और सरकारी कर्मचारी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति का इलाज दर्ज करने जैसी अनियमितताओं के आरोप हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
आरजीएचएस में कथित गड़बड़ियों को लेकर दो एफआईआर एसओजी थाने में दर्ज हैं। इसके अलावा भरतपुर, सीकर, चूरू, बीकानेर, अजमेर, अलवर और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
विशेष टीम इन सभी मामलों को एक साथ जोड़कर यह भी जांचेगी कि कहीं इनके पीछे किसी संगठित नेटवर्क या समान कार्यप्रणाली का इस्तेमाल तो नहीं हुआ।
RGHS से जुड़ी शिकायतों में बिना मरीज की मौजूदगी के इलाज दिखाने, पात्र सरकारी कर्मचारी की जगह किसी अन्य व्यक्ति का उपचार दर्ज करने और कथित फर्जी क्लेम तैयार करने जैसे आरोप सामने आए हैं।
एसओजी अब अस्पतालों, मेडिकल स्टोर, संबंधित कर्मचारियों और दस्तावेजों की भूमिका की जांच करेगी।
सरकार की ओर से मामलों को एसओजी को सौंपे जाने के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। यदि किसी अस्पताल, मेडिकल स्टोर या व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल जांच प्रारंभिक और प्रक्रियाधीन है, इसलिए किसी भी संस्था या व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।