



जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले की जांच में एक और बड़ी सफलता मिली है। एसीबी की टीम ने मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल संजय बड़ाया को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया है। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए जयपुर लाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार संजय बड़ाया थाईलैंड में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। विदेश से लौटने के दौरान जांच एजेंसियों ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर रोक लिया। जांच एजेंसियों का मानना है कि बड़ाया इस बहुचर्चित घोटाले में कथित तौर पर मुख्य बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।
एसीबी और एसओजी की जांच में संजय बड़ाया को पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी का करीबी बताया गया है। एजेंसियों को आशंका थी कि वह विदेश फरार हो सकता है, जिसके चलते उसके खिलाफ पहले ही लुक आउट नोटिस जारी कराया गया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार जल जीवन मिशन से जुड़े 960 करोड़ रुपए के टेंडर घोटाले में बड़ाया की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। उस पर कथित तौर पर टेंडर दिलाने, कंपनियों और अधिकारियों के बीच समन्वय कराने तथा आर्थिक लेनदेन में भूमिका निभाने के आरोप हैं।
इस मामले में एसीबी पहले ही 7 मई को महेश जोशी को गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत ने उन्हें 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेजा हुआ है। इससे पहले 9 अप्रैल को तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है और वे फिलहाल जेल में हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अभी भी तीन आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। एसीबी अब संजय बड़ाया से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क और कथित वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।