उपराष्ट्रपति डॉ. जगदीप धनखड़ रविवार को चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध धाम मातृकुंडिया पहुंचे और अखिल मेवाड़ क्षेत्र जाट समाज महा सभा संस्थान द्वारा आयोजित महादेव मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए किसानों की अहम भूमिका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनके योगदान पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि किसान अन्नदाता हैं और देश की आर्थिक व्यवस्था की नींव मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए किए गए सुधारों और योजनाओं की सराहना की और कहा कि किसान "विकसित भारत" के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
उपराष्ट्रपति ने महिलाओं की भागीदारी पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज तभी सशक्त बनेगा जब मातृशक्ति आगे बढ़ेगी। बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति देखकर उन्होंने खुशी जताई और कहा कि "हमें महिलाओं को स्वावलंबी बनाकर समाज को सही दिशा में आगे ले जाना होगा।"
डॉ. धनखड़ ने मातृकुंडिया धाम को "मेवाड़ का हरिद्वार" बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें वैसा ही आध्यात्मिक अनुभव हुआ जैसा हाल ही में महाकुंभ में डुबकी लगाने के दौरान हुआ था। उन्होंने कहा कि करीब 25 साल पहले जब वे यहां आए थे, तब भी समाज के प्रयासों से उन्हें सामाजिक न्याय मिला था।
उपराष्ट्रपति ने महादेव मंदिर में दर्शन किए और देश में खुशहाली की कामना की। इस दौरान मेवाड़ जाट समाज के अध्यक्ष माधव लाल जाट ने उनका पारंपरिक तरीके से माल्यार्पण कर स्वागत किया और हल भेंट किया।
इस प्रतिष्ठा महोत्सव में केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद सीपी जोशी, कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाज के लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।
यह आयोजन मेवाड़ क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर रहा, जिसमें उपराष्ट्रपति ने किसानों, महिलाओं और ग्रामीण समाज के महत्व को रेखांकित करते हुए आर्थिक और सामाजिक विकास पर विशेष जोर दिया।