


राजस्थान में सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद विवाद और गहरा गया है। सामने आई एफआईआर रिपोर्ट के अनुसार मंत्री पर पुलिस अधिकारियों को गालियां देने, धमकाने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है।
एफआईआर के अनुसार थाना डूंगला में दर्ज एक प्रकरण की जांच के दौरान आरोपी धरराज खारोल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच के दौरान आरोपी ने कथित रूप से कहा कि यदि उसके बेटे या अन्य लोगों को थाने बुलाया गया तो मंत्री गौतम दक कार्रवाई करवाएंगे। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि इसके बाद मंत्री की ओर से पुलिस अधिकारियों को फोन किए गए।
एफआईआर में थाना अधिकारी शैतान सिंह ने आरोप लगाया है कि मंत्री गौतम दक ने उन्हें फोन पर अपशब्द कहे और दबाव बनाने की कोशिश की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाद में मंत्री थाने के बाहर पहुंचे, जहां कथित रूप से पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
दस्तावेज के अनुसार मंत्री पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिपोर्ट में सरकारी कार्य में बाधा, धमकी और अभद्र भाषा के प्रयोग का उल्लेख किया गया है। मामले की जांच उच्च अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर सहकारिता राज्यमंत्री गौतम दक ने वायरल ऑडियो और आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि ऑडियो को एडिट कर गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस प्रकरण को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है, जबकि पुलिस विभाग पूरे मामले की तकनीकी और कानूनी जांच में जुटा हुआ है।


