



जयपुर। राजस्थान में इन दिनों तेज धूप और तापमान में बढ़ोतरी ने गर्मी के संकेत दे दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष राज्य में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की संभावना है। जहां सामान्य तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, वहीं इस बार इससे अधिक तापमान दर्ज होने का अनुमान जताया गया है। खासकर पश्चिमी और सीमावर्ती जिलों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा रहेगा।
पूर्वानुमान के अनुसार जैसलमेर, बाड़मेर और जालोर जैसे जिलों में भीषण गर्मी पड़ सकती है। इसके अलावा जालोर, जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर और गंगानगर सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में सामान्य से अधिक हीटवेव के दिन रहने की आशंका है। वहीं कोटा, उदयपुर, भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के इलाकों में अपेक्षाकृत कम हीटवेव रहने का अनुमान है, हालांकि तापमान औसत से ऊपर ही रहने की संभावना है।
राजस्थान के पश्चिमी जिलों के साथ-साथ दक्षिणी जिलों—सिरोही, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और पाली—में भी औसत से अधिक तापमान दर्ज होने का अनुमान है। इस बार दिन के साथ-साथ रात में भी सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस की जाएगी। मार्च से मई के बीच न्यूनतम तापमान औसतन 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की संभावना है, जिससे रातों में भी उमस और गर्मी से राहत कम मिलेगी।
हालांकि मार्च महीने में दो या उससे अधिक बार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। बीच-बीच में होने वाली यह बारिश तापमान को कुछ समय के लिए नियंत्रित कर सकती है और लोगों को राहत दे सकती है।
यदि राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वानुमान की बात करें तो राजस्थान के साथ गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों में भी सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना जताई गई है। इससे संकेत मिलता है कि इस बार गर्मी का असर व्यापक रूप से पूरे देश में महसूस किया जाएगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे हीटवेव के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतें, अधिक धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।