Wednesday, 11 February 2026

राजस्थान बजट 2026-27: 21 लाख करोड़ अर्थव्यवस्था का लक्ष्य, 24 हजार करोड़ पेयजल पैकेज; 25 हजार करोड़ ब्याज मुक्त कर्ज, 50 हजार सोलर पंप, 4 एयरपोर्ट, ड्रोन-आईटी पॉलिसी, फ्री इलाज, सस्ती बिजली और 8वें वेतन आयोग पर कमेटी समेत बड़े ऐलान


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राजस्थान बजट 2026-27: 21 लाख करोड़ अर्थव्यवस्था का लक्ष्य, 24 हजार करोड़ पेयजल पैकेज; 25 हजार करोड़ ब्याज मुक्त कर्ज, 50 हजार सोलर पंप, 4 एयरपोर्ट, ड्रोन-आईटी पॉलिसी, फ्री इलाज, सस्ती बिजली और 8वें वेतन आयोग पर कमेटी समेत बड़े ऐलान

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राजस्थान विधानसभा में बजट भाषण की शुरुआत करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार के “वित्तीय कुप्रबंधन” से प्रदेश को उबारते हुए निवेश को प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने बताया कि सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिछली बार हरित बजट प्रस्तुत किया गया था और इस बार भी विकास एवं वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर रहेगा।

दीया कुमारी ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 41.39 प्रतिशत बढ़कर 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। वहीं प्रति व्यक्ति आय 1.68 लाख रुपए से बढ़कर 2 लाख 2 हजार रुपए के पार पहुंचने का अनुमान है। इसे उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और निवेश प्रोत्साहन का परिणाम बताया।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर सरकार ने रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि 3427 करोड़ रुपए का पूंजीगत खर्च केवल आधारभूत संरचना पर किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। प्रदेश में 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को जोड़ते हुए कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों के विकास का लक्ष्य रखा गया है।

सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए अलग-अलग मदों में बड़ी घोषणाएं की गईं। नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपए और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अगले वर्ष 250 ‘अटल प्रगति पथ’ परियोजनाओं के तहत 500 करोड़ रुपए के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए भी 500 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है।

पेयजल एवं जल प्रबंधन

  • ₹24,000 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं के वर्क ऑर्डर जारी

  • सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6,500 गांवों को शामिल कर हर घर नल से जोड़ने की योजना

    • ₹4,500 करोड़ खर्च

  • ₹2,300 करोड़ की लागत से शहरों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़

  • अगले वर्ष 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे

  • देशनोक में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ₹750 करोड़

  • 1,092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने के लिए ₹650 करोड़

  • गर्मियों में पर्याप्त पेयजल के लिए 600 नए ट्यूबवेल

  • समर कंटिजेंसी के लिए प्रत्येक जिला कलेक्टर को ₹1 करोड़

  • जयपुर में ₹10 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (पानी पर)

  • वाटर एफिशिएंसी पर पायलट प्रोजेक्ट

  • मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब शुरू

  • नई राजस्थान जल नीति लाई जाएगी

  • जलदाय विभाग में 3,000 संविदा तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती


शहरी विकास एवं आधारभूत ढांचा

  • सभी संभाग मुख्यालय सिग्नल फ्री बनाए जाएंगे

  • जयपुर सहित विभिन्न कार्यों पर ₹2,300 करोड़ से अधिक खर्च

  • 28 लाख परिवारों को पीएम आवास निर्माण हेतु अनुदान

  • शहरी निकायों में 5,000+ स्ट्रीट लाइट्स लगेंगी

  • अजमेर और जयपुर सहित शहरों में ₹1,020 करोड़ से ड्रेनेज कार्य

  • मास्टर ड्रेनेज प्लान के लिए ₹40 करोड़

  • 93 फायर बाइक उपलब्ध कराई जाएंगी (₹40 करोड़)

  • अर्बन ट्रांसपोर्ट फाइनेंस फंड का गठन


युवा एवं रोजगार

  • सीएम स्वरोजगार योजना: ₹10 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण व अनुदान

    • 30,000 युवाओं को लाभ

  • नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना

    • ऑनलाइन परीक्षा सुविधा

  • कॉलेज विद्यार्थियों के लिए “ड्रीम प्रोग्राम”

    • 50,000 छात्रों को लाभ

  • “राज सवेरा” नाम से नशा मुक्ति अभियान

    • नशा ग्रस्त युवाओं का पुनर्वास

  • 1,000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषा प्रशिक्षण

  • प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर के साथ स्किल सेंटर

  • ₹30 करोड़ से नए टेक्नो हब स्थापित


शिक्षा

  • 10वीं-12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप हेतु ₹20,000 तक ई-वाउचर सहायता

  • कक्षा 1 से 8 तक के 40 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त यूनिफॉर्म

    • ₹250 करोड़ खर्च


ऊर्जा एवं सोलर

  • 220 केवीए के 6 नए जीएसएस

  • 132 केवी के 13 नए जीएसएस

  • 33 केवी के 110 नए जीएसएस

  • बीकानेर और जैसलमेर में ₹2,950 करोड़ से नए सोलर पार्क

  • बिजली प्रणाली की रियल टाइम मॉनिटरिंग

    • अजमेर डिस्कॉम सेंटर को AI से जोड़ा जाएगा

गवर्नेंस, आईटी और ड्रोन पॉलिसी

  • नई ड्रोन पॉलिसी लाई जाएगी।

  • 25,000 महिलाओं व युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा।

  • नई आईटी पॉलिसी लागू होगी।

  • सीएम प्रमाण सेंटर की स्थापना।

  • नीति आयोग की तर्ज पर बने संस्थान “रीति” पर ₹10 करोड़ खर्च।

  • राजस्थान जन विश्वास अधिनियम 2.0 लाया जाएगा।

  • सरकारी जमीनों के डिजिटल रिकॉर्ड व रियल टाइम मॉनिटरिंग हेतु मरुधरा राज भूमि डिजिटल एड्रेस।


पर्यटन और एयरपोर्ट विकास

  • जैसलमेर के खुड़ी में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन।

  • कुलधरा में पर्यटन केंद्र।

  • पश्चिमी जिलों को जोड़कर थार सांस्कृतिक सर्किट।

  • भरतपुर में बृज कन्वेंशन सेंटर।

  • झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम।

  • 50,000 बुजुर्गों को हवाई तीर्थ यात्रा।

  • मंदिरों में विशेष पूजा हेतु ₹13 करोड़।

  • देवस्थान भूमि पर BOT आधार पर धर्मशालाएं।

  • सीकर, झुंझुनूं, डीग, भरतपुर में नए एयरपोर्ट की फिजिबिलिटी स्टडी।

  • सवाईमाधोपुर व बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन।


महिला एवं आंगनबाड़ी योजनाएं

  • 17,000 आंगनबाड़ी केंद्रों को बिजली कनेक्शन।

  • 700+ आंगनबाड़ियों को ₹225 करोड़ से नंदघर में अपग्रेड।

  • मरम्मत हेतु ₹275 करोड़।

  • 11,000 अमृत पोषक वाटिकाएं (मिड डे मील हेतु)।

  • महिला एसएचजी को कर्ज सीमा ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़।

  • लखपति दीदी योजना में कर्ज सीमा ₹1 लाख से ₹1.5 लाख।

  • 50,000 किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार।

  • ₹50 करोड़ से नए महिला पुनर्वास केंद्र।

  • ग्रामीण महिला बीपीओ के लिए ₹100 करोड़।


स्वास्थ्य क्षेत्र

  • गंभीर मरीजों के लिए राज सुरक्षा योजना।

  • हाईवे रेस्ट सेंटर्स पर एंबुलेंस तैनात।

  • मानसिक स्वास्थ्य हेतु राज ममता कार्यक्रम।

  • एसएमएस अस्पताल व जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ सेंटर।

  • 1,000 नए पद सृजित।

  • अस्पतालों में फायर सेफ्टी हेतु ₹300 करोड़।

  • बड़े शहरों में मरीज अटेंडेंट हेतु ₹500 करोड़ से धर्मशालाएं।

  • मोक्षवाहिनी योजना: मृतक के घर तक मुफ्त डेड बॉडी पहुंचाने की सुविधा।

  • जेके लॉन जयपुर में ₹75 करोड़ से नया आईपीडी टावर व नियोनेटल ICU।


शिक्षा एवं पर्यावरण

  • 2,500+ स्कूलों के जीर्णोद्धार हेतु ₹500 करोड़।

  • जर्जर भवनों के लिए ₹450 करोड़।

  • खेल किट व “जादुई पिटारा” हेतु ₹323 करोड़।

  • अरावली संरक्षण हेतु ₹130 करोड़ (4,000 हेक्टेयर में दीवार, जलसंरचना, बीजारोपण)।

  • 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।

  • 1,000 करोड़ का वन भूमि लैंडबैंक।

  • नेचुरल फार्मिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (जोबनेर)।

  • कार्बन क्रेडिट रेटिंग पायलट प्रोजेक्ट।


🌾 किसान और कृषि घोषणाएं

  • 35 लाख किसानों को ₹25,000 करोड़ ब्याज मुक्त फसली कर्ज।

  • ₹800 करोड़ ब्याज अनुदान।

  • 5 लाख पशुपालकों को दूध बोनस हेतु ₹700 करोड़।

  • 50,000 सोलर पंप (₹1,500 करोड़)।

  • 36,000 फार्म पोंड, 8,000 डिग्गियां।

  • 50,000 किसानों को तारबंदी पर ₹288 करोड़।

  • 3,496 पंचायतों में वर्मी कम्पोस्ट यूनिट।

  • सोलर/विंड प्लांट भूमि के 10% हिस्से पर वृक्षारोपण अनिवार्य।

  • शेखावाटी तक हथनीकुंड से यमुना जल परियोजना ₹32,000 करोड़।


ऊर्जा और प्रशासन

  • किसानों को सस्ती बिजली, झींगा पालन हेतु विशेष दरें।

  • 8 नए जिलों में कार्यालय निर्माण व 3,467 ग्राम पंचायतों में ₹3,000 करोड़ विकास कार्य।

  • ग्रामदानी गांवों को खातेदारी अधिकार।

  • राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना।

  • होमगार्ड संख्या 5,000 तक बढ़ेगी।

  • उपनिवेशन विभाग का राजस्व विभाग में विलय।

  • 8वें वेतन आयोग हेतु हाई पावर कमेटी।

राजस्थान विधानसभा में आज (बुधवार) वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी सुबह 11 बजे सदन में बजट भाषण देंगी। बजट पेश किए जाने से पहले सुबह 10 बजे विधानसभा सदस्यों के लिए बजट की प्रतियां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विधानसभा परिसर में पहुंचाई गईं।

इस बार का बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी और ग्रामीण विकास पर केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार जनता की लोकप्रिय मांगों को ध्यान में रखते हुए छोटी लेकिन प्रभावी घोषणाओं को भी बजट में शामिल कर सकती है। बताया जा रहा है कि बजट में रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा।

सूत्रों के अनुसार, बजट में युवाओं के लिए करीब एक लाख नई भर्तियों की घोषणा हो सकती है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की संभावना है। साथ ही आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकांश सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया से इंटरव्यू समाप्त करने का ऐलान भी किया जा सकता है, जिससे पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।

सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए भी राहत की संभावना है। उनके मानदेय में वृद्धि को लेकर बजट में विशेष प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा शहरों और गांवों के बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों से जुड़ी घोषणाएं भी संभावित हैं।

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