


₹24,000 करोड़ की पेयजल परियोजनाओं के वर्क ऑर्डर जारी
सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6,500 गांवों को शामिल कर हर घर नल से जोड़ने की योजना
₹4,500 करोड़ खर्च
₹2,300 करोड़ की लागत से शहरों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़
अगले वर्ष 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे
देशनोक में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ₹750 करोड़
1,092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने के लिए ₹650 करोड़
गर्मियों में पर्याप्त पेयजल के लिए 600 नए ट्यूबवेल
समर कंटिजेंसी के लिए प्रत्येक जिला कलेक्टर को ₹1 करोड़
जयपुर में ₹10 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (पानी पर)
वाटर एफिशिएंसी पर पायलट प्रोजेक्ट
मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब शुरू
नई राजस्थान जल नीति लाई जाएगी
जलदाय विभाग में 3,000 संविदा तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती
सभी संभाग मुख्यालय सिग्नल फ्री बनाए जाएंगे
जयपुर सहित विभिन्न कार्यों पर ₹2,300 करोड़ से अधिक खर्च
28 लाख परिवारों को पीएम आवास निर्माण हेतु अनुदान
शहरी निकायों में 5,000+ स्ट्रीट लाइट्स लगेंगी
अजमेर और जयपुर सहित शहरों में ₹1,020 करोड़ से ड्रेनेज कार्य
मास्टर ड्रेनेज प्लान के लिए ₹40 करोड़
93 फायर बाइक उपलब्ध कराई जाएंगी (₹40 करोड़)
अर्बन ट्रांसपोर्ट फाइनेंस फंड का गठन
सीएम स्वरोजगार योजना: ₹10 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण व अनुदान
30,000 युवाओं को लाभ
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना
ऑनलाइन परीक्षा सुविधा
कॉलेज विद्यार्थियों के लिए “ड्रीम प्रोग्राम”
50,000 छात्रों को लाभ
“राज सवेरा” नाम से नशा मुक्ति अभियान
नशा ग्रस्त युवाओं का पुनर्वास
1,000 युवाओं को अंग्रेजी, जापानी और कोरियन भाषा प्रशिक्षण
प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर के साथ स्किल सेंटर
₹30 करोड़ से नए टेक्नो हब स्थापित
10वीं-12वीं के मेधावी छात्रों को लैपटॉप हेतु ₹20,000 तक ई-वाउचर सहायता
कक्षा 1 से 8 तक के 40 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त यूनिफॉर्म
₹250 करोड़ खर्च
220 केवीए के 6 नए जीएसएस
132 केवी के 13 नए जीएसएस
33 केवी के 110 नए जीएसएस
बीकानेर और जैसलमेर में ₹2,950 करोड़ से नए सोलर पार्क
बिजली प्रणाली की रियल टाइम मॉनिटरिंग
अजमेर डिस्कॉम सेंटर को AI से जोड़ा जाएगा
राजस्थान विधानसभा में बजट भाषण की शुरुआत करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछली सरकार के “वित्तीय कुप्रबंधन” से प्रदेश को उबारते हुए निवेश को प्रोत्साहन दिया है। उन्होंने बताया कि सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिछली बार हरित बजट प्रस्तुत किया गया था और इस बार भी विकास एवं वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर रहेगा।
दीया कुमारी ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 41.39 प्रतिशत बढ़कर 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। वहीं प्रति व्यक्ति आय 1.68 लाख रुपए से बढ़कर 2 लाख 2 हजार रुपए के पार पहुंचने का अनुमान है। इसे उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों और निवेश प्रोत्साहन का परिणाम बताया।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर सरकार ने रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि 3427 करोड़ रुपए का पूंजीगत खर्च केवल आधारभूत संरचना पर किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। प्रदेश में 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को जोड़ते हुए कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों के विकास का लक्ष्य रखा गया है।
सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए अलग-अलग मदों में बड़ी घोषणाएं की गईं। नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपए और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अगले वर्ष 250 ‘अटल प्रगति पथ’ परियोजनाओं के तहत 500 करोड़ रुपए के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए भी 500 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है।
राजस्थान विधानसभा में आज (बुधवार) वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी सुबह 11 बजे सदन में बजट भाषण देंगी। बजट पेश किए जाने से पहले सुबह 10 बजे विधानसभा सदस्यों के लिए बजट की प्रतियां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विधानसभा परिसर में पहुंचाई गईं।
इस बार का बजट युवाओं, महिलाओं, किसानों, शहरी और ग्रामीण विकास पर केंद्रित रहने की संभावना है। सरकार जनता की लोकप्रिय मांगों को ध्यान में रखते हुए छोटी लेकिन प्रभावी घोषणाओं को भी बजट में शामिल कर सकती है। बताया जा रहा है कि बजट में रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, बजट में युवाओं के लिए करीब एक लाख नई भर्तियों की घोषणा हो सकती है। शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की संभावना है। साथ ही आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकांश सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया से इंटरव्यू समाप्त करने का ऐलान भी किया जा सकता है, जिससे पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।
सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए भी राहत की संभावना है। उनके मानदेय में वृद्धि को लेकर बजट में विशेष प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा शहरों और गांवों के बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों से जुड़ी घोषणाएं भी संभावित हैं।