



नई दिल्ली बजट सत्र के दूसरे चरण के पांचवें दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महाकुंभ को लेकर अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने कहा कि "महाकुंभ में अनेक अमृत निकले हैं और एकता का अमृत इसका पवित्र प्रसाद है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी मॉरीशस यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वहां के गंगा तालाब में त्रिवेणी का पवित्र जल डाला गया। उन्होंने कहा कि "अनेकता में एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और इसे निरंतर समृद्ध करना हमारा दायित्व है।"